26 जनवरी पर भाषण
भाषण देना एक कला है , मतलब बोलने की कला , अगर आप सही , सरल और सहज तरीका से बोल लेते हैं तो आपको कोई भाषण याद करने की जरूरत नहीं होगी । वैसे भाषण की एक शैली होती है । और उसी शैली के साथ आपको बोलना होता है । जैसे पहले थोड़ा सा परिचय उसके बाद जिस विषय के बारे में बोल रहे हैं उसे सरल तरीका से समझना उसके बाद मुख्य विषय के बारे में गहरी जानकारी जो कि सरल तरीका से कहा गया हो । उसके बाद सकारात्मक तरीके से अपने विषय को अंत करना ।
भाषण किसके बीच दिया जा रहा है और आप भाषण क्यों दे रहें हैं । यही दो बिंदु पर आपके भाषण की शैली छिपा है । जैसे आप 26 जनवरी पर भाषण दे रहें है । ये भाषण आप अपने स्कूल में दे रहें हैं । तो पहले आपको सोचना चाहिए कि हम स्कूल में किसके बीच में भाषण देंगे । हो सकता है आप अपने शिक्षक , स्कूल दोस्त और अपने माता -पिता के बीच भाषण दे रहें हों ।
अगर स्कूल में भाषण दे रहें हैं और आप एक छात्र /छात्रा हैं । तो निम्न बातों का ध्यान रखें
-सही भाषा
-बिंदुवार अपनी बात रखना
-सरल भाषा
- कम पढ़े लोगों को भी आपकी भाषा समझ में आनी चाहिए
- भाषण की संरचना
26 January speech in Hindi
(आप इस भाषण को खुद से अपने अनुकूल लिखे )
सबसे पहले आप सभी लोगों को मेरी तरफ से सुप्रभात , मेरा नाम ……. है । मैं …...कक्षा का/की छात्र /छात्रा हूँ । आज 26 जनवरी के पावन मौके पर सभी गुरुजन और मित्रगन एकत्र हुए । सबसे पहले आप सभी को धन्यवाद देना चाहूंगा । क्योंकि गणतंत्र दिवस के इस दिवस पर मुझे अपने देश की समस्यों के बारे में बोलने का अवसर दिया गया ।
बहुत सारे लोगों को आज के समय में ये भी पता नहीं है कि गणतंत्र का मतलब क्या होता है ? 26 जनवरी क्यों मनाया जाता है ? भारतीय इतिहास में इस दिवस को कौन -सी महत्वपूर्ण घटना घटित हुई थी ? आखिर क्यों हम इतने महत्वपूर्ण दिवस को एक परंपरा के रूप में मनाते हैं ? ये बहुत ही गम्भीर प्रश्न है ।
जब कोई घटना इतिहास में घटित होता है तो हम एक उत्साह के रूप में हरेक वर्ष मनाने लगते हैं जो बाद में एक परंपरा बन जाता है । फिर घटना का मुख्य उद्देश्य क्या था । हम उस उद्देश्य को भूल जाते हैं ।
इसी तरह आज के समय में "गणतंत्र दिवस" को लेकर है । जबकि आज के समय में सबसे अधिक जरूरत है 26 जनवरी या कहें संविधान दिवस को जानना । हम कितना पढ़े हैं वो जरूरी नहीं है । जरूरी है कि हम कितना समझते हैं , कितना जागरूक हैं ।
इसलिए गणतंत्र दिवस के बारे में , मैं थोड़ी जानकारी देना चाहूंगा । जब हम भारतीय इतिहास के वैदिक काल में थे तो उस समय भी हम एक गणतंत्र राष्ट्र में थे । मतलब हम सभी मिल कर डिसाइड करते थे कि राष्ट्र को चलाने के लिए कैसा शासक होगा । वैदिक काल के बाद फिर राजतंत्र आ गया और तब से लेकर 1947 तक हम सब राजतंत्र के कब्जे में ही थे । लेकिन जब हमारा देश अंग्रेजों के चंगुल से बाहर निकला तब हमारे देश के महान नेताओं ने अपने देश के लिए एक संविधान बनाया जिसमें जनता को ही शासक बनाया गया और जनता को पूर्ण स्वतंत्रता दी गई । इस संविधान को 26 जनवरी 1950 को लागू किया गया । तब से हम एक गणतंत्र राष्ट्र के निवाशी हो गए ।
लेकिन अभी 70 वर्ष हो चुका है , हम अपनी संविधान को ही नहीं जानते हैं । हमें क्या स्वतंत्रता मिली है । हम अपनी स्वतंत्रता को ही नहीं जानते हैं । जिसका नुकसान इस देश को हो रहा है । अगर हम संविधान को जानेंगे तो हम अपनी अधिकार , अपनी स्वतंत्रता को जान पाएंगे और एक अच्छे और जागरूक नागरिक बन पाएंगे । जिससे हमारा विकास होगा अगर हमारा विकास होगा तो तो देश का विकास होगा । फिर एक सुंदर सा विश्व बन पाएगा और सभी जीव खुशहाली से जीवन यापन कर पायेगा । मुझे गर्व है अपने देश पर जो सभी को साथ लेकर चलते हैं और सभी जीव -जन्तु का सम्मान करते हैं ।
थैंक्स।

1 Comments
Handy practical tips on public speaking skills. My daughter takes part in speech competitions, and I prepare the content for the same. I must work on the speech structure as insisted above. My uncle, who is a trainer in one of the Top IAS coaching centres in Chennai has a good collection of books on public speaking skills.
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