रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं

 Class 11 


अध्याय -1


रसायन शास्त्र


रसायन विज्ञान की कुछ मूल अवधारणाएं


इस अध्याय में कुछ रसायन शास्त्र की मूल विचार के बारे में बताया गया है ।


अवधारणा शब्द का मतलब सिद्धान्त से होता है।

जैसे पदार्थ कण से बने होते है । इसको अवधारणा कह सकते हैं ।


रसायन विज्ञान में पदार्थ के संघटन ,संरचना ,गुण-धर्म के बारे में पढ़ा जाता है । पदार्थ के संघटन , संरचना , गुण-धर्म जानने के लिए पदार्थ के सबसे छोटे कण (परमाणु या अणु) का अध्ययन किया जाता है । इसलिए रसायन विज्ञान को 'परमाणुओं तथा अणुओं का विज्ञान' कहा जाता है ।


1.1 रसायन विज्ञान का महत्व


जब हम कोई विषय पढ़ते हैं तो सबसे पहले यह सवाल दिमाग में आता है कि इस विषय का क्या जरूरत है । 


तो रसायन विज्ञान का क्या जरूरत है हमारे जीवन में ?


रसायन विज्ञान के सिद्धांतों का कुछ व्यावहारिक उपयोग है । जैसे मौसम विज्ञान , नाड़ी-तंत्र और कंप्यूटर प्रचालन इत्यादि क्षेत्रों में होता है ।


[ रासायनिक सिद्धांत रसायन शास्त्र के वैज्ञानिकों द्वारा दिया जाता है । वैज्ञानिक किसी भी सिद्धांत को बताने से पहले वैज्ञानिक विधि द्वारा प्रयोग करते हैं । जब ये सिद्धांत बन जाता है तब इसका प्रयोग उपयोगी जगह पर किया जाता है ।]


रसायन विज्ञान का उपयोग


1. देश की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान


  • उर्वरक बनाने में 

  • रंगों ,दवाओं बनाने में

  • साबुन ,शैम्पू बनाने में 

  • धातुओं, मिश्र धातुओं तथा अन्य कार्बनिक और अकार्बनिक रसायनों सहित नया चीज़ बनाने में 

  • निर्माण में लगे रासायनिक उद्योगों में  इत्यादि ।


2. मानव के जीवन -स्तर को ऊँचा उठाने में


  • भोजन

  • स्वास्थ्य -सुविधा की वस्तुएं


जीवाणु नाशकों तथा कीटनाशकों


कैंसर की चिकित्सा में प्रभावी औषधियाँ 


3. पर्यावरण प्रदूषण सुधारने में 


समताप मंडल में ओजोन मंडल को हानि पहुंचाने वाला गैस क्लोरोफ्लोरो कार्बन (CFC) को सफलतापूर्वक संश्लेषित कर लिए गए हैं । लेकिन अभी भी पर्यावरण की अनेक समस्या रसायन विदो के लिए गंभीर चुनौती है । इसमें एक है ग्रीन हाउस गैस ( जैसे मीथेन ,कार्बन डाइऑक्साइड आदि )



1.2 द्रव्य की प्रकृति


कोई भी वस्तु जो स्थान घेरती है और जिसमें द्रव्यमान हो द्रव्य या पदार्थ कहलाती है ।


-सभी पदार्थ छोटे - छोटे कण (परमाणु या अणु ) से बने होते है ।


-जब कोई पदार्थ तरल रूप में रहता है तब उसे द्रव्य कहते हैं ।


जैसे  :- कलम ,पेंसिल, किताब, कॉपी, जल, वायु , जीव (गाय, बकरी इत्यादि )


द्रव्य का तीन भौतिक अवस्था होता है ।


  • ठोस

  • द्रव

  • गैस


इन तीनों अवस्थाओं  में  कणों की व्यवस्था भिन्न होती है । 


  • ठोस में कण बहुत पास-पास होते हैं तथा कसे होते हैं । जैसे पत्थर, काठ, आदि ।

  • द्रव में कण थोड़े दूर-दूर होते हैं । जैसे पानी ,दूध आदि ।

  • गैस में कण द्रव की तुलना से भी दूर होते हैं । जैसे ऑक्सीजन, कार्बन डाइऑक्साइड आदि ।


खुद सोचे :-


आग क्यों लगती है ?


ठोस, द्रव्य की तुलना में सबसे जल्दी गैस में आग लग सकती है क्यों ?

द्रव्य को दो भागों में बांटा गया है ।


  • मिश्रण

  • शुद्ध पदार्थ


मिश्रण :- किसी मिश्रण में दो या दो से अधिक पदार्थ अथवा घटक किसी भी अनुपात में उपस्थित हो सकते हैं ।

जैसे :- जल में चीनी का विलयन,हवा, चाय आदि ।


मिश्रण का दो प्रकार होता है ।


समांगी मिश्रण :- इस मिश्रण में घटक एक-दूसरे में पूर्णतया मिश्रित हो जाते हैं ।

जैसे :- जल में चीनी का घुलना ,हवा आदि ।


विषमांगी मिश्रण :- इस मिश्रण में संघटन पूरे मिश्रण में एक समान नहीं होता । कभी-कभी तो विभिन्न घटक को अलग-अलग देखा जा सकता है ।

जैसे :-चीनी और नमक तथा दाल के दानों 


शुद्ध पदार्थ :- इनका संघटन निश्चित होता है ।


जैसे:- तांबा ,चांदी,सोना,जल,ग्लूकोस आदि ।


ग्लूकोस में कार्बन ,हाइड्रोजन, और ऑक्सीजन एक निश्चित अनुपात में होते हैं ।


शुद्ध पदार्थ के संघटकों को सामान्य भौतिक विधियों द्वारा पृथक नहीं किया जा सकता ।


शुद्ध पदार्थों को वर्गीकृत किया जा सकता है ।


तत्व :- किसी भी तत्व में एक ही प्रकार के कण होते हैं। ये कण अणु या परमाणु हो सकते हैं ।


जैसे :- सोडियम, हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, तांबा, चांदी ,आदि । इन सब में एक-एक ही तत्व होते हैं । लेकिन विभिन्न तत्वों की परमाणु भिन्न हो सकती है । हाइड्रोजन, ऑक्सीजन, नाइट्रोजन गैस में दो-दो परमाणुओं की संयोजन से बने होते हैं ।


यौगिक :- दो भिन्न तत्वों के दो या दो से अधिक परमाणु संयोजित होते हैं, तब यौगिक का एक अणु प्राप्त होता है ।

जैसे :- जल, अमोनिया,कार्बन-डाइऑक्साइड, चीनी आदि ।


1.3 द्रव्य के गुणधर्म और उनका मापन 


द्रव्य के दो गुणधर्म होते हैं . भौतिक गुणधर्म और रासायनिक गुणधर्म 


भौतिक गुणधर्म :- इस गुणधर्म से पदार्थ की पहचान या संघटन को परिवर्तित किये बिना मापा या देखा जा सकता है ।


जैसे :- पदार्थ के भौतिक गुणधर्म है । रंग ,गंध,गलनांक,क्वथनांक, घनत्व आदि ।


रासायनिक गुणधर्म :- इस गुणधर्म को मापने या देखने के लिए रासायनिक परिवर्तन का होना आवश्यक होता है ।


जैसे :- अम्लता ,क्षरता, दाह्यता आदि ।





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